Nitharikand Case: निठारी कांड से जुड़े मामलों में लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से बरी हुए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में उसकी चाय की दुकान से शव बरामद हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चाय की दुकान पर मिला शव यह घटना सप्त सरोवर रोड पर लालमाता मंदिर के सामने की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और चाय की दुकान चला रहा था। घटना की सूचना मिलते ही सप्तऋषि पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। पुलिस फिलहाल मौत की परिस्थितियों और इससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मौत की वजह को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। करीब 19 साल बाद जेल से निकला था सुरेंद्र कोली का नाम 2005-06 के चर्चित निठारी कांड के दौरान सामने आया था। 29 दिसंबर 2006 को नोएडा के निठारी इलाके में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे नाले से बच्चों के मानव अवशेष मिलने के बाद मामले ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। कोली के खिलाफ निठारी कांड से जुड़े कई मुकदमे चले और उसे अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया था। हालांकि, अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे 12 मामलों में बरी कर दिया था। जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने भी इन मामलों में उसकी और मोनिंदर सिंह पंढेर की दोषमुक्ति बरकरार रखी। इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने कोली के खिलाफ बचे अंतिम मामले में भी उसकी दोषसिद्धि रद्द कर दी। कोर्ट ने उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था। इस फैसले के साथ निठारी कांड से जुड़े उसके खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों में उसकी दोषसिद्धि समाप्त हो गई थी। अब हर एंगल से जांच रिहाई के बाद कोली हरिद्वार में रह रहा था। पुलिस अब उसकी मौत से जुड़े हालात, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और उसके हाल के जीवन से संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ये भी पढ़ें: TMC के नाम-चिह्न पर EC का बड़ा फैसला, क्या विपक्षी दल साथ आए? 5 पॉइंट में समझें पूरा मामला